Travloger is travel blogging website in Hindi and English will share you travel experience in India and around the world also you get details information about particular destination such as Attraction,specialty of that place,historical importance,geography,how to reach there,where to stay ,Shopping,amenity and complete travel guide etc. Travel Blogging in Hindi,Travel blogging in English .Travel video and experience ,Travloger.com in official website of vicky vloger you tube channel.
Navigating the Grid: A Complete Guide to Indian Railways' Zonal Hierarchy. Indian Railway Zone Extending across more than 68,000 kilometers of track, Indian Railways ranks among the planet's vastest transit networks. Overseeing such an extensive system from a single central command would create immense logistical bottlenecks. To ensure operational precision, safety standards, and regional responsiveness, the Ministry of Railways delegates governance through a decentralized structure of Railway Zones . Each zone operates as a semi-autonomous entity led by a General Manager (GM). These zones are further segmented into smaller localized territories known as Divisions , which are overseen by Divisional Railway Managers (DRMs). Comprehensive Breakdown of the 19 Zonal Divisions 1. Northern Railway (NR) Headquarters: New Delhi | Code: NR Operational Divisions: Delhi, Ambala, Firozpur, Lucknow (NR), Moradabad Profile: Covers the northern plains and holds the record for the larges...
लिंक पाएं
Facebook
X
Pinterest
ईमेल
दूसरे ऐप
पट्टडकल (ಪಟ್ಟದಕಲ್ ) बदामी ,बागलकोट कर्नाटक Pattadkal Group Of Temple Badami Bagalkot, Karnataka
लिंक पाएं
Facebook
X
Pinterest
ईमेल
दूसरे ऐप
-
Pattadkal Group Of Temples,Badami Karnataka
पट्टडकल (ಪಟ್ಟದಕಲ್) बदामी ,बागलकोट कर्नाटक
पट्टडकल कर्नाटक के बागलकोट जिले का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक गांव है जो की मलप्रभा नदी के किनारे बसा है। पट्टडकल अपने चालुक्य मंदिरों के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। जिसका निर्माण ७ वि एंव ८ वि सदी में हुवा था। यँहा पर कुल दस मंदिर है जो अपने विभिन्य स्थापत्य कला के लिए जाने जाते हैं। पट्टडकल बदामी से केवल २३ किमी दूर बागलकोट रोड पर स्थित है। इतिहास में पट्टडकल को यंहा के पत्थर का रंग लाल है ईसी कारण रख्तपुर के नाम से भी जाना जाता था। तो वही पट्टडकल का मतलब उन दिनों स्थानिक भाषा में 'राज्याभिषेक का स्थान' ऐसा होता जो कई मानाने में सही भी है यंहा पर लगभग १९ राजाओं ने अपना राज्यभिषेक करवाने के जिक्र इतिहास में मिलता हैं।
पट्टडकल के सारे मंदिर भगवान शिवजी को समर्पित है जिसमे चार मंदिर द्रविड़ियन स्थापत्य शैली में बने है ,तो वही ४ उत्तर भारतीय शैली याने के नागर स्थापत्य कला में बनाये गए है, बाकि के दो मंदिर दक्षिण और उत्तर भारतीय मिक्स स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना हैं। अपने खूबसूरती और बेजोड़ स्थापत्य कला के कारण साल १९८७ में UNESCO ने ईस स्थल को विश्व धरोहर का दर्जा दिया।
पट्टडकल के आठ मंदिर एक ही परिमासेस में तो पापनाथ मंदिर मुख्य मंदिरो से ३०० मीटर की दुरी पर तो वही जैन मंदिर बादामी-पट्टडकल रोड के दूसरी और मुख्य मंदिरो से लगभग १ किलोमीटर की दुरी पर स्थित हैं।
विरुपक्ष मंदिर ये मंदिर इस ग्रुप का सबसे बड़ा मंदिर है जो की पर्यटक और श्रद्धालु के बिच में कही लोकप्रिय है इस मंदिर का निर्माण साल ७४५ में विक्रमादित्य की रानी लोकमहादेवी ने अपने पती की पल्लव राजाओं पर जीत का उत्सव मनाने के लिए बनाया था। पूरा मंदिर काफी आकर्षक तरीके से सजाया गया हैं। ईस पर पुराणिक कथाओं के प्रसंग मंदिर के दीवारों पर तथा खम्भों पर उकेरे गए हैं। विरुपक्ष मंदिर कांचीपुरम के कैलासनाथ मंदिर से प्रेरित होकर बनाया गया हैं, इसे बनाये के लिए कलाकार पल्लव राजयो के राज्य से ही लाये गए थे। मंदिर के बहार ग्रेनाइट पत्थर से बना बेहद ही खूबसूरत नंदी विराजमान है जिसे देखने ये आभास हो जाएगा की ये जिन्दा है ,नंदी की इतनी खूबसूरत मूर्ति विराजमान हैं।
संगमेश्वर मंदिर ये मंदिर पट्टडकल का सबसे प्राचीन मंदिर हैं।,ईसका निर्माण चालुक्य राजा विजयादित्य ने साल ६९७ से ७३३ के बिच में किया था।विजयादित्य की मृत्यु ७३३ होने के बाद इसका निर्माण कार्य अपुरा रहा।
मल्लिकार्जुन मंदिर ये मंदिर विरुपक्ष मंदिर के नजदीक ही खड़ा है ये मंदिर हूबहू विरुपक्ष मंदिर जैसा है,मंदिर की दीवारों तथा स्थम्भो पर पौराणिक कथाओं में से कई सारी घटनाओं उकेरी गई हैं।मल्लिकार्जुन मंदिर निर्माण आठवीं शताब्दी में राणी त्रिलोकमहादेवी ने करवाया था मुख्यसभामण्डप के बाहर नंदी और गर्भगृह में शिवलिंग विराजमान हैं। जिसे प्रदक्षिणा पथ भी बनाया गया है। विरुपाक्ष मंदिर की तुलना में ईसे स्थापत्य कला का विकसित चरण माना जाता है।
गलगानाथ मंदिर ये यँहा का और एक खूबसूरत मंदिर है जो की उत्तर भारतीय मंदिर स्थापत्यकला में बना हैं । गलगानाथ मंदिर संभाव्यता ईस ग्रुप में सबसे आखिर में बनाया गया हुवा मंदिर है। ये मंदिर उतर भारतीय स्थापत्य कला का नमूना पेश करता है समय के साथ ईस मंदिर के कुछ भाग क्षतिगस्त हो गए हैं। मंदिर में अंधकासुर का वध और पंचतंत्र की कहानिया मंदिर के दीवारों और छतो पर उकेरी गए हैं।
जम्बूलिंगेश्वर उत्तर भारतीय स्थापत्या कला में बना मंदिर है मंदिर के सामने वाले हिस्से में नटराज की बेहत की खूबसूरत मूर्ति तराशी गयी हैं।
इसके आलावा कडसिद्धेश्वर ,चंद्रशेखर,काशिविश्वेश्वर ,पापनाथ और जैन महाराज मंदिर भी काफी आकर्षक हैं। पापनाथ मंदिर द्रविड़ियन और उत्तर भारतीय नागर मंदिर स्थापत्य कला का बेजोड़ मिक्चर माना जाता हैं।
कैसे पहुंचे ?
पट्टडकल बदामी से केवल २३ किमी दूर है बदामी सोलापुर-होस्पेट रेलवे मार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण रेलवे स्थानक हैं। देश के प्रमुख शहर से बादामी के लिए रेलवे हर रोज चलती हैं, जिसमे मैसूरु, बंगलुरु,सोलापुर,मुंबई,पुणे,बागलकोट,विजापुर शामिल हैं। बदामी रेलवे स्टेशन से तो पट्टडकल केवल १७ किमी दूर हैं। बदामी मुख्य बस स्थानक से कर्नाटका राज्य परिवहन की बसे हर आधे घंटे के अन्तराल से चलती हैं।.
कहाँ पर ठहरे ?
बदामी में रहने के लिए ३ स्टार और १ स्टार होटल मिलेंगे साथ ही कर्नाटक पर्यटन विभाग से भी यंहा पर होटल्स चलाये जाते हैं। सस्ते दाम में अच्छा होटल बुक करने के लिए निचे दिए गए लिंक पर जाकर आप अपना होटल बुक कर सकते हैं।
हजरत ख्वाजा शेख फरीद शकरगंज गड शरीफ,उस्मानाबाद (Gad Sharif Osmanabad) हजरत ख्वाजा शेख फरीद शकरगंज गड शरीफ,उस्मानाबाद .उस्मानाबाद शहर से औरंगाबाद रोड पर १२ किमी की दूरी पर स्थित ये एक मशहूर दरगाह हैं, जंहा पर अपनी मन्नत मांगने के लिए हजारो की तादात पे श्रद्धालु हर दिन यँहा आते हैं । पहाड़ी से घिरे होने के कारण इसकी खूबसूरती देखने लायक होती है,यंहा से उस्मानाबाद रेलवे का मराठवाड़ा का सबसे ऊँचा ब्रिज और टनल का बेहद ही खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। पूरा वीडियो देखने के लिए यंहा क्लीक करे.
तमिलनाडु घूमने के प्रमुख दस पर्यटन स्थल. Top 10 Tourist Attractions in Tamil Nadu. Kodaikanal तमिलनाडु दक्षिण भारत का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य है । तमिलनाडु दुनियाभर में अपने मंदिर के स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है । वैसे देखा जाये तो तमिलनाडु में पर्यटकों को देखने लायक हर तरह के पर्यटन स्थल है समुद्री तट,खूबसूरत और भव्य पुरातन मंदिर,हिल स्टेशन मॉडर्न शहर .राष्ट्रीय उद्यान एंव वन्य जिव अभयरण्य तो चलिए इस ब्लॉग में हम जानते है तमिलनाडु में घूमने के प्रमुख दस पर्यटन स्थल। १० चिदंबरम Natraj Temple Chidambaram TamilNadu चिदंबरम चेन्नई से २१७ किमी और कांचीपुरम से १८९ किमी पर स्थित चिदंबरम कुड्डालोर जिले का एक तीर्थ शहर है। चिदंबरम नटराज मंदिर के लिए जाना जाता है, ये दक्षिण भारत में सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है।चिदंबरम नटराज मंदिर 11 वीं शताब्दी के दौरान बनाया गया था और यह दक्षिण भारत में सबसे प्रसिद्ध शैव मंदिरों में से एक है। भगवान नटराज विक्रम चोल (1128 CE) और उनके उत्तराधिकारियों क...
त्रिविक्रम मंदिर (बौद्ध चैत्य गृह) तेर ,उस्मानाबाद भारत का सबसे प्राचीन मंदिर. Trivikram Mandir Ter Osmanabad,Maharashtra त्रिविक्रम मंदिर ये है भारत का सबसे प्राचीन मंदिरोमेसे एक है जो महाराष्ट्र के उस्मानाबाद शहर केवल २२ किमी की दूरी स्थित तेर गाव में हैं। सातवाहन राजाओ के समय ईस गांव का दायरा काफी बड़ा था और ये शहर भारत के प्रमुख शहरो में गिना जाता था ,तेर का उल्लेख इतिहास में 'तगर' के मिलता हैं,ये शहर सातवाहन राज्य की उपराजधानी भी हुवा करता था। तेर गांव के बीचोबीच एक बहुत ही रहस्यमय मंदिर हैं जो की भगवान त्रिविक्रम को समर्प्रित हैं। ईसी कारण रहस्य्मय है क्यों की ईस मंदिर की रचना आम हिन्दू मंदिरो की तरह नहीं हैं। कई इतिहासकारो का मानना है की ये एक प्राचीन बौद्ध चैत्य गृह है जिसका निर्माण मशहूर इतिहासकार कजिन्स के अनुसार ईसा ४ थी और इतिहासकार पर्सी ब्राऊन के अनुसार पांचवी सदी में किया गया था। त्रिविक्रम मंदिर तेर उस्मानाबाद महाराष्ट्र ईस चैत्य गृह का निर्माण पूरी तरह से ईटो से किया गया था,और ऊपर से चुने का प्लास्टर किया हैं और ईस तरह की ...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
If you have any inquiry let me know.