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'ANCIENT BUDDHIST SITE OF SARNATH' 45th UNESCO WORLD HERITAGE SITE OF INDIA

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  'ANCIENT BUDDHIST SITE OF SARNATH' 45th UNESCO WORLD HERITAGE SITE OF INDIA.  Sarnath stupa and Ancient buddhist remains inscribed as India's 45th UNESCO world heritage site on 25 July 2026 under name of 'Ancient Budhist site of Sarnath'.  'Ancient Budhist site of Sarnath'. Located roughly 10 kilometers northeast of Varanasi, Uttar Pradesh, Sarnath ranks among the four crucial holy sites of Buddhism, along with Lumbini, Bodh Gaya, and Kushinagar. Ancient Pali texts refer to this sanctuary as  Isipatana  (the landing place of sages) and  Mrigadava  (the deer park). It remains globally famous as the location where Siddhartha Gautama delivered his initial teaching after reaching full enlightenment. The Birthplace of the Dhamma Following his supreme awakening beneath the Bodhi tree in Bodh Gaya around the 6th century BCE, Buddha journeyed to the quiet groves of Sarnath. Here, he reunited with the five ascetics who had previously abandoned him during his ...

DEEKSHABHUMI ,NAGPUR MAHARASHTRA दीक्षा भूमि नागपूर महाराष्ट्र.

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 दीक्षा भूमि नागपूर महाराष्ट्र  DEEKSHABHUMI NAGPUR MAHARASHTRA नागपूर महाराष्ट्र कि उपराजधानी होणे के साथ साथ भारत का महत्व पूर्ण शहर भी  हैं। नागपूर  भौगोलिक दृष्टी से देखा जाय तो देश के बिचोबीच बसा हैं।   नागपुर शहर में  एक ऐसी घटना हुवी जिसने भारत के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास को बदलकर रख दिया हैं। ये घटना नागपुर में १४  अक्टूबर १९५६ को हुवी जब भारतीय संविधान के निर्माता और भारत में सामाजिक समता के आंदोलन को आखरी मकान तक पोहचाने वाले डॉ बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर ने यंहा पर आपने ६ लाख अनुयायी के साथ हिंदू धर्म को छोड़कर समता की बुनियाद पर बने बौद्ध धर्म में प्रवेश किया।   जिस जगह पर उन्होने बौद्ध धर्म में प्रवेश किया था उसी जगह  पर एक भव्य स्तूप का निर्माण करवाया  जिसे देखने लिखे हर साल लाखो की तादात में लोग नागपुर है।  ईस इस विशाल  गुम्बटकार ईमारत को दीक्षा भूमि के नाम से जाना जाता हैं।  दीक्षा भूमि का निर्माण साँची के स्तूप से प्रेरित होकर बनाया है लेकिन आकार को देखे तो दीक्षा भूमि का स्तूप सा...

CHITTORGADH FORT RAJASTHAN चित्तौड़गढ़ किला ,राजस्थान

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CHITTORGARH FORT,RAJASTHAN चित्तौड़गढ़ किला ,राजस्थान.  Chittorgarh Fort Rajasthan भारत के इतिहास में कई सारे अनगिनत योद्धा होकर गए कुछ योद्धायो को इतिहास के पन्नो में जगह मिली तो कई सारे योद्धा इतिहास के पन्नो में कही खो से गए। भारत और खासकरके राजस्थान में कई सारे योद्धायो का जन्म हुवा  जिन्होंने अपनी वीरता  से  बड़े बड़े दुश्मनो के छक्के छुड़ाए थे और अपने दुश्मनो का सामना करने के लिए इन राजपूत राजयो ने बनावाये थे अद्भुत और विशाल किले।  समय के साथ साथ  राजपूत योद्धा तो चले गए लेकिन इनके  पराक्रम,बलिदान और शौर्य की कहानी सुनाते किले आज भी राजस्थान में मौजूद हैं, वैसे तो राजस्थान में सेकड़ो किले मौजूद है लेकिन इनमे सबसे प्रमुख और देश का सबसे बड़ा किला है चित्तोरगढ।   अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्त्व के कारण ईस किले को UNESCO ने २०१३ में अपनी विश्व धरोहर की सूचि में शामिल किया।  तो चलिए इस ब्लॉग में हम देखते है चित्तोरगढ के बारे में रोचक जानकारी।  राजस्थान का गौरव माना जाने वाला यह चित्तौड़गढ़ का विशाल दुर्ग करीब ७०० एकड़ के क्षेत्रफल ...

हरियाणा के सबसे प्रमुख दस पर्यटन स्थल HARIYANA TOP 10 TOURIST PLACES

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 हरियाणा के सबसे प्रमुख दस पर्यटन स्थल HARYANA TOP 10 TOURIST PLACES हरियाणा भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक हैं। हरियाणा का मतलब होता है हरित भूमि  कृषि  उत्पादन में हरियाणा देश का सबसे प्रमुख राज्य है। हरियाणा को देवभूमि कहा जाए  तो गलत नहीं होगा ये वही भूमि है जंहा पर भगवान् श्री कृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से दुनिया को  भगवत गीता दी,ये वही भूमि है जंहा पर हुवी लड़ाई ने  देश का इतिहास बदल दिया। पर्यटको की  नजरो से देखा जाए  तो हरियाणा में पयटको के देखने के लिए कई सारे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है जिनमे से हम इस व्हिडिओ में देखेंगे हरियाणा के सबसे प्रमुख दस पर्यटन स्थल    10 गुडगाँव (गुरुग्राम) GURUGRAM गुडगाँव  हरियाणा का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। गुड़गांव हरियाणा का इंडस्ट्रियल हब भी हैं। गुडगाँव  में पर्यटकों को लिए शीतला देवी मंदिर,सुल्तानपुर बर्ड सैंक्चुअरी ,शीश महल ,बेगम समरू पैलेस बादशाहपुर किला अदि यंहा के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।  9 हिसार HISSAR  हिसार और एक हरियाणा का महत्वपूर्ण शहर है हिसार में बरसी गेट,पृ...

पंजाब में घूमने के दस सबसे प्रमुख स्थल TOP 10 PLACES TO VISIT/DO IN PUNJAB

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पंजाब में घूमने के  दस  सबसे प्रमुख स्थल TOP 10 PLACES TO VISIT IN PUNJAB पंजाब उत्तर भारत में बसा देश के सबसे प्रमुख राज्यों में से एक राज्य हैं। पंजाब अपने सांस्कृतिक विरासत ,खेलकूद प्राकृतिक सौदर्य के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। इन सब के आलावा पंजाब बड़ी मात्रा में पर्यटकों को भी अपने और आकर्षित करता हैं। कृषि पर्यटन पजाब में काफी बड़ी मात्रा में विकसित हुवा हैं, अगर आप उत्तर भारत घूमने का मन कर रहे हो तो पंजाब आपके लिए एक अच्छा विकल्प देता हैं।  तो चलिए इस ब्लॉग में हम देखेंगे पंजाब के प्रमुख दस पर्यटन स्थल जो पर्यटको कि पहली पसंद होते हैं।   १० हिरके वेटलैंड ( HAIRKE WETLAND)  ये देश का सबसे बड़ा इंसानो द्वारा निर्मित वेटलैंड हैं। ये वेटलैंड सतलज और बियास नदी के संगम पर अमृतसर से २ घंटे की दुरी पर स्थित है। यंहा पर कई सारे रंग बिरंगे पंछीयो का बसेरा है अब तक ३५० से ज्यादा प्रजाति के पंछी यंहा पर पाए गए है। हिरके वेटलैंड ४१०० हेक्टर के एरिया में फैला हैं यंहा पर शेकडो दुर्लभ पेड़ पौधे भी पाए जाते हैं।  ९ पठानकोट (PATHANKOT) पठानकोट जम्मू कश्...

हुमायूँन का मकबरा दिल्ली HUMAYUN TOMB DELHI

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 'हुमायूँन' का मकबरा दिल्ली HUMAYUN'S TOMB DELHI. Humayun Tomb Delhi भारत के स्थापत्यकला में मुघलोका काफी बड़ा योगदान है भारत में मुघलो के युग में काफी बड़ी मात्रा में इमारतों महालों का निर्माण हुवा और भारत में एक नए स्थापत्य शैली कागज़ हुवा भारत में पहली बार गुम्बट मीनारे बागान कमाने बड़ी मात्रा में विकसित हुवी । कई सारी इमारते समय के साथ ढह गई तो कई सारी इमारते आज भी भारत की दुनियाभर में शान बने हैं। आज हम इस ब्लॉग में एक ऐसे ही मुग़ल स्थापत्य शैली  के बेजोड़ नमूने की सैर करेंगे जिसने भारत में मुग़ल स्थापत्य शैली का आगाज किया। तो आज हम इस ब्लॉग में सैर करने वाले है दिल्ली में बसे हुमायूँन के मक़बरे की।  भारत में मुघल काल की नीव बाबर ने साल १५२६ में पानीपत की लढाई में इब्राहिम खान लोदी पर विजय प्राप्ति के साथ रखी। बाबर पहिला मुग़ल बादशाह था बाबर के बाद उसका बेटा हुमायूँन मुघलोंका बादशाह बना। हुमायूँन की मौत एक लढाई में हाथी से गिरने के बाद हुवी।  Humayun Tomb Delhi बादशाह हुमायूँन की मौत के बाद उसके पार्थिव को दिल्ली के पुराने किल...

दुर्गराज रायगढ़ महाराष्ट्र RAIGADH FORT MAHARASHTRA

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  दुर्गराज रायगढ़  किला  महाराष्ट्र RAIGADH FORT MAHARASHTRA Raigadh Fort,Maharashtra  इतिहास के महानतम योध्या राजा  छत्रपति शिवाजी महाराज के वीरता  किस्से  हमने  कई सारे किताबो , कहानी और फिल्मों सुने और देखें  हैं। ऐसे महान  राजा की राजधानी कैसी होगी ऐसा सवाल कई सारे लोगो के जहन में आना जायज हैं ,इसी कारण आज हम इस ब्लॉग सैर करेंगे , छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी  किलों का राजा और राजा का किला दुर्गराज किल्ले रायगढ़ की।  छत्रपती शिवाजी महाराज  के राज्य  की राजधानी राजगढ़ हुवा करती थी लेकिन बाद में राजगढ़ किले पर जगा कम होने के कारण महाराज नई जगह की खोज में थे जंहा पर मराठा राज्य की राजधानी बनाई जा सके। इस बीच महाराज ने जावली पर हमला कर दिया और जावली का यशवंतराव मोरे भाग के रायगढ़ किले पर चुप गया शिवाजी महाराज ने ६ अप्रैल १६५६ में रायगढ़ पर हमला करके किला अपने कब्जे लिया। लेकिन वुस वक्त तक रायगढ़ केवल एक पहाड़ था जब महाराज ने इस पहाड़  को देखा तब शिवाजी महाराज को  इस पहाड़ पर वो हर एक खूबी दिखाई दी। जिसकी प्रत...

कामख्या मंदिर गुवाहाटी असम KAMAKHYA TEMPLE GUVAHATI ASSAM

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 कामख्या मंदिर ,गुवाहाटी, असम KAMAKHYA TEMPLE GUVAHATI ASSAM  पुरे देश में माता पार्वती के ५१ शक्तिपीठे है इनमेसे कुछ प्रमुख विशेष महत्त्वपूर्ण और रहस्यमय  हैं ,इनमे से माता कामख्या एक हैं कामख्या मंदिर असम की राजधानी गुवाहाटी में ब्रम्हपुत्र नदी के किनारे स्थित हैं जो की मुख्य शहर से ९ किमी दूर हैं।  जिस पहाड़ी पर कामख्या मंदिर मौजूद है, उसे नीलांचल या ब्लू हिल के नाम से जाना जाता है। वर्तमान कामख्या मंदिर,जिसे १५६५ ईस्वी में ११ वीं १२ वीं शताब्दी के पुराने  पत्थर के मंदिर के खंडहरों का उपयोग करके  दो अलग-अलग शैलियों के संयोजन से पुनर्निर्माण किया गया था। कामाख्या मंदिर पारंपरिक नगाड़ा याने  उत्तर भारतीय और सारसेनिक याने  मुगल शैली का अनूठा मिक्सचर हैं। इस अनोखे संयोजन शैलियों को अब नीलांचल स्टाइल ऑफ आर्किटेक्चर का नाम दिया गया है , आसाम एंव उत्तर भारत में कई  सारे मंदिर इस शैली में बनाये गए हैं ।   प्रचलित कथा के अनुसार देवी सती ने भगवान शिव से शादी की. इस शादी से सती के पिता राजा दक्ष खुश नहीं थे. एक बार राजा ...